धनवर्षा का आशीर्वाद देती हैं लक्ष्मी
भारतीय त्योहारों में महत्वपूर्ण दीपावली पर्व पर महालक्ष्मी की पूजा का विधान है। यह पूजा दीपावली से दो दिन पूर्व ही शुरू हो जाती है। कार्तिक मास सर्वाधिक पर्व वाला महीना भी है। विशेषत: पंच पर्व के लिए इस माह का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। ये पंच पर्व क्रमश: लगातार आते हैं जिसके मध्य में वर्ष का सर्वोच्च पर्व दीपावली आता है। दीपावली की शुरूआत धनतेरस के दिन से ही हो जाती है। आदि काल से मान्यता है कि धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी वर्ष पर्यन्त धनवर्षा का आशीर्वाद देती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी दीपावली का विशेष महत्व है। पंच पर्व धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा एवं भैया दूज इस वर्ष 15 से 19 अक्टूबर तक मनाये जाएंगे। धनतेरस के दिन चिकित्साशास्त्र के जनक धनवन्तरि की उत्पत्ति हुई थी और समुद्र मंथन के समय जब विष के कारण देवगण निश्तेज हो रहे थे तब धनवन्तरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए। यही कारण है कि इस तिथि को आयुर्वेदिक चिकित्सा से जुड़े लोग हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। इसी दिन संध्या काल में घर के बाहर आटे का दीपक भी जलाया जाता है ताकि घर में अकाल मृत्यु का भय न रहे। धनतेरस के दिन नये...