मुख्यमंत्री के बयान से बखेड़ा
भोपाल. प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को अपनी कथित टिप्पणी से विवादों में घिर गए। उन्होंने सतना में कहा ‘ऐसा नहीं होगा कि कारखाना सतना में लगे और काम बिहार के लोगों को मिले।’ हालांकि बाद में उन्हें स्पष्ट करना पड़ा कि उनकी मंशा मध्यप्रदेश के मूल निवासियों को नौकरी में प्राथमिकता दिलाने की थी, न कि अन्य राज्यों के लोगों को प्रदेश में आने से रोकने की। मुख्यमंत्री ने सतना में गरीब उत्थान सम्मेलन में कहा कि मध्यप्रदेश में स्थापित होने वाले कारखानों में मध्यप्रदेश के मूल निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसा नहीं होगा कि कारखाना सतना में लगे और काम बिहार के लोगों को मिले। जहां कहीं भी कारखाने लगें वहां पचास प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए। अब स्पष्टीकरण मप्र में सबका स्वागत है चैनलों द्वारा मामले को उछालने और राज ठाकरे से उनकी तुलना की कोशिश करने पर शिवराज ने देर शाम इंदौर में स्पष्टीकरण देते हुए कहा, ‘मैं ऐसी हर बात का विरोधी हूं, जो भेद पैदा करती हो।’ ‘मैंने ऐसा कभी नहीं कहा कि अन्य प्रदेशों के लोग मध्यप्रदेश में नहीं आएं।’ सच यह है कि.. मेरा जन्म बिहार में ...