आखिर कब रुकेगा मौत का यह सिलसिला
कभी भंडारा तो कभी साडी वितरण, कही शर्धा तो कही मजबूरी बस इन्ही कारणों से लोगो का एक हुजूम इकट्ठा हो जाता है और परिणाम दुनिया देखती है आज जब मैंने प्रतापगढ़ मैं कृपालु महाराज के भंडारा मैं गेट गिरने कि खबर देखि तो सहसा विस्वास ही नहीं हुआ. मेरे मन मैं एक सवाल कोंध रहा था कि यह निर्माण किसने किया था, क्या अब आश्रमों में हो रहे निर्माण में भी मिलावट का काम शुरू हो गया है , आखिर किसने लाखों लोगों कि आस्था और विस्वास के साथ धोखा किया है. कब तक लोगों को ऐसे ही जान देनी होगी पिछले दस सालों में हजारों ने आस्था के नाम पर जान दी है प्रतापगढ जिला मुख्यालय से 75 किलोमीटर दूर मनगढ़ (कुंडा) में संत कृपालु महाराज का आश्रम है। आश्रम में भंडारा चल रहा था जिसमें हजारों की तादाद में लोग शामिल थे। प्रतापगढ के कुंड़ा इलाके में राम जानकी मंदिर का निर्माणाधीन गेट गिरने से मची भगदड़ में अभी तक 65 लोगों के मरने की पुष्टि हुई और 200 से ज्यादा घायल हैं। घायलों को कुंड़ा में कृपालु जी के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में विदेशी श्रद्धालु भी शामिल हैं। आखिर कब रुकेगे यह मौत मार्च, 2010- कृपालु मह...