इन कारणों से हुई धोनी की विजय
भारत ने पाकिस्तान को 29 रन से धूल चटाकर वर्ल्डकप 2011 के फाइनल में जगह बना ली है। मैच के बाद पाकिस्तानी कप्तान को हार के लिए अपने देश से माफी मांगनी पड़ी। अपने चिरप्रतिद्वंदी के खिलाफ मिली जीत हर मायने में खास है। वैसे तो मैच में भारत की सबसे बड़ी बात रही टीम के हर सदस्य का विजयी योगदान करना , लेकिन इन पांच कारणों ने मुकाबले में भारत का पलड़ा पाकिस्तान से भारी कर दिया। गजब की गेंदबाजी मुकाबले से पहले टीम इंडिया की गेंदबाजी को हमेशा आड़े हाथों ही लिया गया था, लेकिन धोनी के धुरंधरों ने २६० रन के मामूली स्कोर को बचाकर अपनी गेंदबाजी की धार दिखा दी। हालांकि भारत के लिए पाकिस्तान के वहाब रियाज जैसा प्रदर्शन किसी गेंदबाज ने नहीं किया, लेकिन फिर भी वो एक इकाई के रूप में पाक से बीस साबित हुए। भारत के लिए उसके सीनियर से लेकर पार्टटाइमर गेंदबाजों तक ने योगदान किया। गेंदबाजी आक्रमण की कमान एक बार फिर जहीर खान के हाथ में रही। जहीर ने पहला और अंतिम विकेट झटककर टीम की मदद की। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फ्लॉप रहे आशीष नेहरा ने दिखा दिया कि उनके पास अनुभव की कमी नहीं हैं और वो अब भी भारतीय गेंदबाजी क...