Posts

Showing posts from August 25, 2016
Image
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं अधरं मधुरं वदनं हृदयं मधुरं गमनं मधुरं, मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥1॥ मधुरं, नयनं मधुरं हसितं मधुरम्। आपके होंठ मधुर हैं, आपका मुख मधुर है, आपकी ऑंखें मधुर हैं, आपकी मुस्कान मधुर है, आपका हृदय मधुर है, आपकी चाल मधुर है, मधुरता के ईश हे श्रीकृष्ण! आपका सब कुछ मधुर है ॥1॥ वचनं मधुरं चरितं मधुरं, वसनं मधुरं वलितं मधुरम्। चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं, मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥2॥ आपका बोलना मधुर है, आपके चरित्र मधुर हैं, आपके वस्त्र मधुर हैं, आपका तिरछा खड़ा होना मधुर है, आपका चलना मधुर है, आपका घूमना मधुर है, मधुरता के ईश हे श्रीकृष्ण! आपका सब कुछ मधुर है ॥2॥ वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुर, पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ। नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं, मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥3॥ आपकी बांसुरी मधुर है, आपके लगाये हुए पुष्प मधुर हैं, आपके हाथ मधुर हैं, आपके चरण मधुर हैं , आपका नृत्य मधुर है, आपकी मित्रता मधुर है, मधुरता के ईश है श्रीकृष्ण! आपका सब कुछ मधुर है ॥3॥ गीतं मधुरं पीतं मधुरं, भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरम् । रूपं मधुरं तिलकं मधुरं, मधु...