अगर तुम्हारा जन्म नारी के रूप मे हुआ है तो
बचपन में तुम परशासन करेंगे पिता
अगर तुम अपना बचपन बिता चुकी हो
नारी के रूप मेंतो जवानी में तुम पर राज करेगा पति
अगर जवानी की दहलीज़ पार कर चुकी होगी
तो बुढ़ापे में रहोगी पुत्र के अधीन
जीवन-भर तुम परराज कर रहे हैं ये
पुरुषअब तुम बनो
मनुष्यक्योंकि वह किसी की नहीं मानता
अधीनता -वह अपने जन्म से हीकरता है अर्जित स्वाधीनता

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