इंदिरा गांधी पर भी फेंका गया था जूता

आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि 1969 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दरमियान ऊंझा सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार शंकरलाल के प्रचार के संबंध में चुनावी सभा को संबोधित कर रहीं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर भी जूता फेंका गया था।

साल 2008 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के उपर बगदाद में जूता फेंका गया था, फिर चीन के प्रधानमंत्री पर लंदन के कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में जूता फेंकने और इसके बाद भारत में सुप्रीम कोर्ट के जज भी अपने आपको जूते से नहीं बचा सके और भारत के गृहमंत्री पर भी एक पत्रकार द्वारा जूता फेंकने की घटना राजनीतिक महकमें में तहलका चुकी है। लेकिन जूता फेंकने की परम्परा आज की नहीं बल्कि भारत में तो बहुत पुरानी है।
वर्ष 1969 में ऊंझा सीट पर जनसंघ के उम्मीदवार कांतिभाई डॉक्टर के खिलाफ कांग्रेसी उम्मीदवार शंकरलाल गुप्त खड़े हुए थे। जिनका प्रचार करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ऊंझा में एक सभा को संबोधित कर रही थीं उस दरमियान उन जूता फेंका गया जिसके बाद भारी हंगामा मचा इसके बाद इंदिरा गांधी ने लोगों से कहा था कि आप चाहे जूता फेंके या पत्थर मारें हम अपनी बात कहे बिना यहां से नहीं जाएंगे। हालांकि बाद में जूता फेंकने वाले को हिरासत में ले लिया गया था।

Comments

  1. जूतों पर शोध में जुट गये हैं शायद आप
    चलिये मेरी शुभकामनायेन आपके साथ हैं

    मै आपको धन्यवाद देना चाहुंगी क्योंकि आपने मेरे ब्लाग का अनुसरण करके मेरा हौसला और बढा दिया

    जरदारी और जूता भी अच्छा लिखा है आपने

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